what is dbms in hindi (डीबीएमएस क्या है?)
dbms का पूरा नाम डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (database management system) है। यह programs का पूरा collection होता है जिसके द्वारा users डेटाबेस को create, delete और maintain कर सकते है.1: defining– यह डेटाबेस में स्टोर data के लिए data types, structures और constraints को specify करता है।
2: constructing– डेटा को किसी भी storage medium में स्टोर करने की प्रक्रिया को DBMS के द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
3: manipulating– इसमें डेटाबेस में उपस्थित डेटा को retrieve तथा update किया जाता है और रिपोर्ट्स को generate किया जाता है।
इस के द्वारा जो end users होते है वह डेटाबेस में डेटा को create, read, update, तथा delete कर सकते है.

दूसरें शब्दों में कहें तो, “DBMS जो है वह end users तथा डेटाबेस के मध्य एक इंटरफ़ेस की तरह कार्य करता है. जिससे कि डाटा सुव्यस्थित तरीके से organised रहें और उसे आसानी से एक्सेस किया जा सकें.”
आजकल जो डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम प्रयोग किये जाते है वह है:- dbase, foxpro, IMS, oracle, MySQL, SQL, तथा DB2 आदि.
components of DBMS in hindi
अब हम यहाँ पढेंगे की डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के components क्या है?1:- हार्डवेयर
2:- सॉफ्टवेर
3:- डेटाबेस
4:- procedures
1:- हार्डवेयर:- हार्डवेयर में हमारा कंप्यूटर सिस्टम आ जाता है जो कि हमारे डेटाबेस को स्टोर करने तथा एक्सेस करने के लिए प्रयोग होता है. कंप्यूटर सिस्टम में डाटा को स्टोर करने के लिए ज्यादातर हार्डडिस्क का प्रयोग किया जाता है.
2:- सॉफ्टवेर:- इसमें हमारा जो वास्तविक DBMS सॉफ्टवेर है वो आता है. कंप्यूटर सिस्टम में जो डाटा है उसको users तभी एक्सेस कर पायेंगे जब हमारे पास dbms सॉफ्टवेर होगा.
डेटाबेस तथा users के मध्य dbms सॉफ्टवेर स्थित रहता है.
3:- डेटाबेस:- डेटाबेस(database) एक collection of information(सुचना का समूह) होता है जिसे इस प्रकार organise(व्यवस्थित) किया जाता है कि जिसमें information आसानी से access, manage, और update की जा सकें।
Database में हम तेज़ी से और आसानी से desired data को select कर सकते है।
4:- users:– इस में बहुत सारें users होते है जो की जरूरतों के हिसाब से डाटा को एक्सेस करते है. प्रत्येक users की capability तथा जरुरत होती है वह अलग- अलग होती है.
इसमें users निम्नलिखित होते है:-
1:- Database administrator
2:- Database designers
3:- End users
4:- Application programmers
dbms users को पूरा पढने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:- डीबीएमएस users क्या है?
5:- Procedures:- इसका अर्थ है की dbms को चलाने के लिए प्रक्रियाएं, नियम तथा instruction क्या है? तथा सिस्टम में डेटाबेस को किस प्रकार प्रयोग करना है. जैसे:- डेटाबेस लॉग इन करना, लॉगआउट करना, डेटाबेस का बैकअप लेना, तथा डेटाबेस को हैंडल करना आदि.
इसे भी पढ़ें:- डीबीएमएस के लाभ तथा हानियाँ क्या है?
characteristics of DBMS in hindi (डीबीएमएस की विशेषतायें)
इसकी विशेषतायें निम्नलिखित है:-- यह किसी भी प्रकार के data को स्टोर कर सकता है. real word में जितने भी प्रकार का डेटा होता है यह उन सभी को स्टोर कर सकता है.
- यह ACID properties को support करता है. ACID का अर्थ होता है – Accuracy, Completeness, Isolation, तथा Durability.
- database system के द्वारा बहुत सारें user एक साथ एक समय पर database को एक्सेस कर सकते है.
- इसके द्वारा डेटा को share किया जा सकता है.
- इसमें data redundancy नहीं होती है. अर्थात् duplicate डेटा नहीं होता है.
- इसमें security होती है अर्थात कोई unauthorized user इसे एक्सेस नहीं कर सकता है.
- अगर किसी कारणवश डेटाबेस delete हो जाता है या corrupt हो जाता है तो उसका हम backup ले सकते है.
types of DBMS in hindi (डीबीएमएस के प्रकार)
यह मुख्यतया 4 प्रकार का होता है. जो कि निम्न है:-- Hierarchical
- Network
- Relational
- Object-oriented
Hierarchical
इस डेटाबेस में, data जो है वह tree की तरह के structure में organise रहता है. अर्थात इसमें डेटा top down या bottom up format में स्टोर रहता है. data में parent-child relationship होती है.hierarchical database में प्रत्येक record सभी parent-child के बारें में information को स्टोर किये रहता है. इसमें प्रत्येक child record का केवल एक parent होता है. और parent के बहुत सारें child हो सकते है.
किसी data को retrieve करने के लिए हमें प्रत्येक tree को तब तक traverse करना पड़ता है जब तक कि record मिल नहीं जाता.
इस डेटाबेस का सबसे ज्यादा प्रयोग banking और telecommunication क्षेत्रों में किया जाता है.
इसका मुख्य लाभ यह है कि इसमें हम data को बहुत तेजी से access और update कर सकते है.
इसकी हानि यह है कि इसका structure सभी में apply नहीं किया जा सकता. अर्थात यह flexible नहीं होता है.
Network
यह डेटाबेस, नेटवर्क structure का प्रयोग entities के मध्य relationship को create करने के लिए करता है.इसका प्रयोग बहुत बड़े digital computers में किया जाता है. यह database भी hierarchical की तरह ही होता है परन्तु इसमें एक child के बहुत सारें parent हो सकते है. इसमें child को members कहते है और parents को occupier कहते है.
network database का निर्माण Charles bachman ने की थी. इसमें entities को एक graph में व्यवस्थित किया जाता है जिससे कि उन्हें बहुत सारें paths (रास्तों) से आसानी से access किया जा सके.
इसका मुख्य फायदा यह है कि इसमें हम डाटा को आसानी से access कर सकते है एवं इसका डिजाईन भी easy होता है.
इसका नुकसान यह है कि इसमें records को update और insert करना बहुत complex होता है.
Relational
रिलेशनल डेटाबेस का प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है क्योंकि यह सबसे सरल है और आसानी से use किया जा सकता है. इसमें data जो है वह एक table की rows और columns में होता है. इसमें data को insert, delete, update करने के लिए SQL का प्रयोग किया जाता है. इसमें table को relation कहते है.कुछ popular relational DBMS है:- DB2, oracle, SQL server, RDB आदि.
इसका मुख्य advantage यह है कि इसमें डेटा table के form में होता है जिसके कारण users इसे आसानी से समझ लेते है और access कर सकते हैं.
इसका disadvantage यह है कि ज्यादा data होने पर यह complex बन जाता है. और data के मध्य की relationship भी complicated हो जाती है.
Object-oriented
इसमें data जो है वह objects के रूप में स्टोर रहती है. और इसके structure को class कहते है. यह programming की capability को उपलब्ध कराती है. इसमें database application को create करने के लिए कम codes की जरूरत होती है. और codes को maintain करना भी बहुत आसान होता है.object oriented DBMS को 1880 के दशक में निर्मित किया गया था. ये database ज्यादातर सभी programming language को सपोर्ट करते है:- जैसे:- c++, JAVA, RUBY, PYTHON, आदि.
इसका मुख्य लाभ यह है कि इसको maintain करना बहुत आसान होता है.
इसका नुकसान यह है कि इसकी कोई अपनी query language नही है जैसे relational की sql है.







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